अभी कई स्मार्टफोन ब्रांड 200 मेगापिक्सल वाले कैमरे का दाव कर रहे हैं। "भारी पिक्सल" शब्द सुनते ही आप सोचेंगे कि फोटो में हर छोटी‑छोटी चीज़ साफ़ दिखेगी, है न? सच तो ये है कि सेंसर बड़ा होने से लाइट पकड़ने की क्षमता बढ़ती है और कम रोशनी में भी बेहतर शॉट्स मिलते हैं। लेकिन सिर्फ पिक्सल गिनती से ही नहीं, सेंसर टेक्नोलॉजी, इमेज प्रोसेसिंग और लेंस क्वालिटी का पूरा कॉम्बो काम करता है।
पहला सवाल अक्सर यही आता है – इतना बड़ा पिक्सल गिनती क्यों? मुख्य कारण दो:
वास्तविक दुनिया में इसका असर देखिए – Vivo T4 Ultra जैसे फ़ोन ने 100x ज़ूम, 50MP ट्रिपल कैमरा को एक साथ लाया। ऐसे फोन अब सिर्फ हाई‑स्पेक नहीं, रोज़मर्रा के स्नैप्स में भी प्रोफ़ेशनल क्वालिटी दे रहे हैं।
200MP सेंसर से बेहतर फोटो लेने के लिए कुछ आसान कदम अपनाएँ:
ध्यान रखें कि 200MP फ़ोन का प्रोसेसर भी तेज़ होना चाहिए। नहीं तो बड़े फाइल्स को प्रोसेस करना स्लो हो सकता है और बैटरी जल्दी ख़त्म हो सकती है। इसलिए जब नया फोन खरीदें, तो कैमरा के साथ चिप सेट‑अप और बैटरि लाइफ़ पर भी नज़र डालें.
संक्षेप में, 200MP कैमरा सिर्फ पिक्सल की संख्या नहीं, बल्कि एक पूरा इकोसिस्टम है – सेंसर, लेंस, सॉफ्टवेयर और यूज़र स्किल। अगर आप फ़ोटोग्राफी के शौकीन हैं या अपने सोशल मीडिया को हाई‑क्वालिटी कंटेंट से भरना चाहते हैं, तो इस टेक्नोलॉजी को समझकर इस्तेमाल करने में देर नहीं करनी चाहिए. अब अगली बार जब नया फोन देखेंगे, तो सिर्फ मेगापिक्सल नहीं, बल्कि पूरे कैमरा पैकेज पर फोकस करें।
Vivo ने अपनी नई X200 सीरीज के स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च किया है जिसमें X200 और X200 Pro मॉडल्स शामिल हैं। ये फोन Zeiss-ब्रांडेड कैमरे, MediaTek Dimensity 9400 SoC और बड़ी बैटरी के साथ आते हैं। X200 में 6.67 इंच की AMOLED डिस्प्ले है जबकि X200 Pro थोड़ा बड़ा है। ये फोन प्रीमियम फीचर्स के साथ किफायती कीमत पर उपलब्ध हैं।
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