गैले टेस्ट में शांतो और रहीम की जोड़ी ने बांग्लादेश को ड्रॉ पर बचाया, दोनों टीमों को 4 अंक

गैले के इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मैच का अंत ड्रॉ पर हुआ, जिसमें दोनों टीमों को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 4-4 अंक मिले। यह मैच 17 से 20 जून 2025 तक खेला गया, और जब आखिरी ओवर का बल्लेबाज बाहर आया, तो श्रीलंका के पास लक्ष्य पूरा करने के लिए बस 15 ओवर बचे थे — लेकिन वक्त ने उन्हें नहीं दिया। यहाँ एक ऐसा मैच था जहाँ बल्लेबाजी की जीत नहीं, बल्कि टाइम की जीत हुई।

बांग्लादेश का बचाव: शांतो और रहीम की अद्भुत जोड़ी

जब बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, तो लगा जैसे गैले की गीली और बिल्कुल फ्लैट पिच पर बल्लेबाजी आसान होगी। लेकिन तीन विकेट 45 रन पर गिर गए — शदमन इस्लाम, अनमुल हक़ और मोमिनुल हक़ एक-एक करके चले गए। यहाँ तक कि एक बार तो टीम के बचाव के लिए बेस पर खड़ा होने वाला बल्लेबाज भी डर गया लग रहा था। तभी नजमुल होसैन शांतो और मुशफिकुर रहीम ने अपने बल्लों से टीम को जीवित रखा। दोनों ने 247 रन की अजेय साझेदारी बनाई — शांतो ने 136*, रहीम ने 105* बनाए। यह उनकी श्रीलंका के खिलाफ चौथी शतक जोड़ी थी। शांतो ने बस एक बार भी अपना आउट नहीं हुआ, और रहीम ने अपने बल्ले से टीम के लिए एक बड़ा आधार बनाया।

श्रीलंका का जवाब: निसांका की शानदार पारी और मैथ्यूज का अलविदा

श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 485 रन बनाए, जिसमें पाथुम निसांका की 187 रन की शानदार पारी सबसे चमकीली थी। उन्होंने न सिर्फ टीम को बचाया, बल्कि बांग्लादेश के बल्लेबाजों के लिए एक बड़ा लक्ष्य बनाया। लेकिन यह मैच केवल निसांका का नहीं था। अंजेलो मैथ्यूज के लिए यह उनका आखिरी टेस्ट था — और जब वे बल्लेबाजी के लिए आए, तो पूरा स्टेडियम उनके लिए खड़ा हो गया। एक गार्ड ऑफ ऑनर। लेकिन उन्होंने अपनी शुरुआत को अंत तक नहीं बना पाए। उनके लिए यह एक ऐसा मैच था जिसे याद करने के लिए दिल भर गया।

दूसरी पारी में बांग्लादेश का अचानक ढहना

बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी 484/9 पर घोषित की। लेकिन उनका अंत बहुत अजीब था। 458/4 के बाद वे 26 रन पर 5 विकेट खो गए — यह एक ऐसा ढहाव था जैसे टीम ने अचानक बल्ला छोड़ दिया हो। असिथा फर्नेंडो ने रहीम को आउट किया, और मिलन रथनायके ने बाकी सबको उड़ा दिया। यह लगा जैसे बल्लेबाज अचानक खुद को खेलने से डर गए। लेकिन फिर भी, बांग्लादेश ने अपनी पारी को बचाया। और श्रीलंका के लिए यह एक बड़ा अवसर खो गया।

डीआरएस और उम्पायर की आवाज: टेक्नोलॉजी ने भी बदल दिया गेम

इस मैच में DRS का इस्तेमाल इतना ज्यादा हुआ कि लगा जैसे हर दूसरी गेंद पर रिव्यू मांगा जा रहा हो। बांग्लादेश ने 31.6 ओवर में डीएम दे सिल्वा को आउट करवाया। फिर 128.3 ओवर में एनजीआरपी जयसूरिया को आउट किया। लेकिन सबसे अजीब वाला रिव्यू आया जब श्रीलंका ने 130.2 ओवर में मुशफिकुर रहीम को आउट करने के लिए रिव्यू किया — और उम्पायर की आवाज ने उन्हें आउट नहीं किया। 'यूम्पायर्स कॉल'। यह एक ऐसा पल था जिसे बांग्लादेश के खिलाड़ी याद रखेंगे। डीआरएस ने इस मैच को एक नए लेवल पर ले गया।

दूसरी पारी में श्रीलंका का अंत: टाइम ने जीत ली

दूसरी पारी में श्रीलंका का अंत: टाइम ने जीत ली

दूसरी पारी में बांग्लादेश ने श्रीलंका के लिए 296 रन का लक्ष्य रखा। लेकिन टाइम के बारे में कोई बात नहीं कर सकता। श्रीलंका ने शुरुआत अच्छी की — निसांका और चंदीमल ने बल्लेबाजी को बरकरार रखा। लेकिन जब दूसरे दिन का अंत हुआ, तो उनके पास बस 15 ओवर बचे थे। बांग्लादेश के गेंदबाज तैजुल इस्लाम ने तीन बड़े विकेट लिए, लेकिन उनकी गेंदों के बावजूद, श्रीलंका के लिए वक्त बहुत कम था। एक ओवर बाकी था — दो रन चाहिए थे — और फिर घंटी बज गई। ड्रॉ।

श्रीलंका के दो डेब्यूटेंट और बांग्लादेश के अनुभवी नहीं

श्रीलंका ने इस मैच में दो नए खिलाड़ियों को डेब्यू दिया: लहिरु धर और ऑफ-स्पिनर अनु रत्नायके। दोनों ने अपनी शुरुआत को बरकरार रखा, लेकिन उनकी भूमिका बहुत छोटी रही। वहीं बांग्लादेश ने अपने कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को बैठने का फैसला किया। यह टीम के लिए एक नया अध्याय था — जहाँ नए खिलाड़ियों को जिम्मेदारी दी गई।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अब क्या?

दोनों टीमों को अब 4-4 अंक मिले हैं। श्रीलंका के लिए यह एक अच्छा शुरुआत नहीं था — लेकिन ड्रॉ ने उन्हें बचाया। बांग्लादेश के लिए यह एक बड़ी जीत नहीं, लेकिन एक बड़ा बचाव था। अगला टेस्ट तुरंत शुरू होगा — और वहाँ श्रीलंका के लिए एक नया दबाव होगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अब एक भी अंक बहुत कीमती है। और यहाँ एक बात साफ है: बांग्लादेश अब और निर्भर नहीं है। उनके नए बल्लेबाज अब टीम के बारे में बात कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस ड्रॉ से श्रीलंका की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप स्थिति कैसे प्रभावित हुई?

श्रीलंका को इस मैच में 4 अंक मिले, जिससे उनका स्थान अभी भी शीर्ष 4 में बना रहा। लेकिन उन्हें अगले मैच में जीत की जरूरत है, क्योंकि उनकी रन रेट अभी बहुत कम है। अगर वे अगले टेस्ट में ड्रॉ कर लेते हैं, तो उनकी टॉप 4 की संभावना बहुत कम हो जाएगी।

मुशफिकुर रहीम की यह शतक उनके करियर में कैसी है?

यह रहीम की श्रीलंका के खिलाफ चौथी शतक है — जो उन्हें एशियाई टेस्ट क्रिकेट में सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बनाती है। इससे पहले उन्होंने 2011, 2017 और 2021 में श्रीलंका के खिलाफ शतक बनाए थे। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो केवल दो खिलाड़ियों ने ही बनाया है।

असिथा फर्नेंडो का इस मैच में क्या योगदान था?

असिथा ने बांग्लादेश की पहली पारी में 3 विकेट लिए और दूसरी पारी में 2 विकेट लेकर टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने रहीम को आउट करवाया, जिससे बांग्लादेश की पारी का अंत बहुत तेज हुआ। उनकी गेंदबाजी ने श्रीलंका को अंतिम ओवरों में जीत के लिए उम्मीद दी।

मैच में डीआरएस का इस्तेमाल कितना असरदार रहा?

कुल 5 डीआरएस रिव्यू हुए, जिनमें से 3 आउट के फैसले में बदले। लेकिन सबसे चर्चित रिव्यू वह था जिसमें रहीम को 'उम्पायर कॉल' से बचाया गया। इससे बांग्लादेश की पारी बच गई, और श्रीलंका के लिए यह एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया।

अंजेलो मैथ्यूज के लिए यह आखिरी टेस्ट क्यों महत्वपूर्ण है?

मैथ्यूज ने 15 साल तक श्रीलंका के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला है — 108 मैच, 7978 रन और 185 विकेट। इस मैच में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो उनके योगदान का सम्मान है। उनके बाद श्रीलंका को एक नए नेता की जरूरत है, और यह मैच एक युग के अंत का प्रतीक है।

अगला टेस्ट कब और कहाँ खेला जाएगा?

दूसरा टेस्ट 25 जून 2025 को कोलंबो के राजकीय क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होगा। श्रीलंका के लिए यहाँ जीत बहुत जरूरी है — नहीं तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में उनकी स्थिति खतरे में पड़ जाएगी।

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टिप्पणि

Arvind Pal

Arvind Pal

20 नवंबर 2025

शांतो और रहीम की जोड़ी ने जो किया वो कोई खेल नहीं बल्कि एक अदाकारी थी

Chandan Gond

Chandan Gond

20 नवंबर 2025

भाई ये मैच देखा तो आँखें भर आईं रहीम का बल्ला लग रहा था जैसे वो समय को रोक रहा हो। शांतो ने तो बस बैठ गया और बाकी सब को घूर रहा था। ये नहीं कि बल्लेबाजी हुई बल्कि एक दिव्य अवसर बच गया।

sandeep singh

sandeep singh

22 नवंबर 2025

श्रीलंका के खिलाफ बांग्लादेश का ये बचाव ही असली जीत है। अभी तक कोई नहीं समझ पाया कि ये टीम अब डर के आगे नहीं झुकती।

Vinod Pillai

Vinod Pillai

24 नवंबर 2025

DRS का इस्तेमाल इतना ज्यादा हुआ कि लगा जैसे उम्पायर अपने आप को रिमोट कंट्रोल से चला रहे हों। जब रहीम का रिव्यू नहीं हुआ तो मैंने सोचा ये टेक्नोलॉजी ने खेल को बर्बाद कर दिया।

Nikhil nilkhan

Nikhil nilkhan

24 नवंबर 2025

मैथ्यूज के लिए ये मैच एक अंत था लेकिन एक नए युग की शुरुआत भी। उन्होंने जो दिया वो बस रन नहीं बल्कि एक अनुभव था। अब नए लोगों को उसकी जगह भरनी होगी।

Avantika Dandapani

Avantika Dandapani

26 नवंबर 2025

मैंने रहीम को देखकर रो दिया। उनकी शांति, उनकी धैर्य, उनका बल्ला - सब कुछ ऐसा लगा जैसे वो खुद को नहीं बल्कि टीम के लिए बल्लेबाजी कर रहे हों।

amrin shaikh

amrin shaikh

26 नवंबर 2025

इस मैच का असली नायक तो वो उम्पायर था जिसने रहीम को आउट नहीं किया। अगर वो भी डीआरएस के दबाव में आ जाता तो श्रीलंका के लिए ये जीत हो जाती। ये टेक्नोलॉजी ने खेल का मन बदल दिया है।

Damini Nichinnamettlu

Damini Nichinnamettlu

26 नवंबर 2025

श्रीलंका के दो डेब्यूटेंट ने बहुत कम खेला। अगर वो अच्छे नहीं हैं तो फिर उन्हें टीम में क्यों डाला? ये टीम बनाने का तरीका बदल गया है।

Sneha N

Sneha N

27 नवंबर 2025

❤️❤️❤️ शांतो और रहीम की जोड़ी ने दुनिया को दिखा दिया कि बल्लेबाजी कभी भी बस रन नहीं होती... ये तो जीवन का अर्थ है। आज का मैच मैंने रात भर दोहराया।

rakesh meena

rakesh meena

29 नवंबर 2025

अगला मैच कोलंबो में है वहां श्रीलंका को जीतना होगा नहीं तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से बाहर

Sumit Garg

Sumit Garg

30 नवंबर 2025

ये सब फेक है। DRS ने रहीम को बचाया? नहीं। उम्पायर ने चाहा कि बांग्लादेश जीते। ये सब बड़े लोगों की साजिश है। श्रीलंका को बर्बाद करने के लिए।

Manjunath Nayak BP

Manjunath Nayak BP

2 दिसंबर 2025

इस मैच में जो बात नहीं बताई गई वो है ये कि बांग्लादेश की टीम ने पहली पारी में 484 घोषित किया लेकिन दूसरी पारी में बस 296 रन का लक्ष्य रखा। ये लक्ष्य बहुत कम है। श्रीलंका के लिए ये जीत का मौका था। लेकिन उनके बल्लेबाजों ने टाइम का इस्तेमाल नहीं किया। ये खिलाड़ी बिल्कुल बेकार हैं। निसांका के बाद भी उन्होंने एक भी शतक नहीं बनाया। ये टीम तो बस दिखावा कर रही है।

jai utkarsh

jai utkarsh

2 दिसंबर 2025

क्या आपने कभी सोचा है कि ये मैच बस एक गेम नहीं है? ये एक दर्शन है। शांतो ने जो किया वो बल्लेबाजी नहीं बल्कि एक तपस्या थी। रहीम के बल्ले में छिपा था एक विश्वास जो दुनिया को भूल गई। ये ड्रॉ नहीं बल्कि एक जीत थी - जीत जिसे आज का खेल नहीं समझ पाया। ये मैच बच्चों के लिए एक पाठ है: अगर तुम टाइम के साथ खेलोगे तो टाइम तुम्हारा साथ देगा। अब देखो श्रीलंका के लिए अगला मैच क्या होगा? क्या वो भी इसी तरह खेलेंगे? या फिर वो भी अपने अंदर के रहीम को ढूंढेंगे?

Tulika Singh

Tulika Singh

3 दिसंबर 2025

मैच का नतीजा ड्रॉ रहा लेकिन इसमें दोनों टीमों ने अपनी अपनी जीत बनाई। बांग्लादेश ने अपने बल्लेबाजों को विश्वास दिया, श्रीलंका ने अपने वरिष्ठ खिलाड़ी को सम्मान दिया। ये खेल बस जीत-हार नहीं है।

Arvind Pal

Arvind Pal

4 दिसंबर 2025

अगले मैच में श्रीलंका को जीतना होगा वरना बांग्लादेश की टीम अब बस अपने आप को नए नायक मान लेगी

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