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एम्स दिल्ली – क्या नया है, क्यों ज़रूरी है?

दिल्ली में अगर कोई अचानक बीमार पड़ जाए या दुर्घटना हो, तो एम्स (इमरजेंसी मेडिकल सर्विस) सबसे पहले काम आती है। लेकिन कई बार लोग नहीं जानते कि एम्बुलेंस कब बुलानी चाहिए या मौसम की चेतावनी कैसे उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इस पेज पर हम आपको सीधे‑साधे शब्दों में समझाएंगे कि एम्स दिल्ली से क्या उम्मीद रख सकते हैं और ताज़ा खबरें कहाँ से मिलती हैं।

ताजा अपडेट: मौसमी अलर्ट और उनका असर

पिछले हफ़्ते दिल्ली में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ था। उस समय कई अस्पतालों ने एम्बुलेंस रूट बदल दिए थे, क्योंकि सड़कों पर जलभराव था। अगर आप ऐसी स्थिति में फँसें तो तुरंत 102 डायल करके एम्स को कॉल करें और अपनी लोकेशन बताएं। मौसम विभाग की चेतावनियों से जुड़ी खबरें यहाँ मिलती हैं, जैसे कि MP Weather Alert में बताया गया है कि 11 जिलों में भारी बारिश होने वाली है—ऐसे समय में एम्बुलेंस के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले ही तय कर लेना फायदेमंद रहता है।

एम्स की सेवा कैसे लें?

एम्स को कॉल करने का आसान तरीका सिर्फ़ एक नंबर है – 102. फोन उठाते ही आपसे रोगी की स्थिति, पता और संभावित एलर्जी के बारे में पूछा जाता है। ऑपरेटर तुरंत नजदीकी एम्बुलेंस भेजता है। अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो अपने फ़ोन पर एम्स का लोकेशन ट्रैकर ऐप भी इंस्टॉल कर सकते हैं; इससे एम्बुलेंस आपके पास आने तक की रूट दिखती रहती है।

ध्यान रखें, तेज़ी से जवाब मिलने के लिए कुछ बेसिक जानकारी तैयार रखनी चाहिए – रोगी का नाम, उम्र, बीमारी या चोट का प्रकार, और निकटतम लैंडमार्क। इससे एम्बुलेंस को रास्ता तय करने में समय नहीं लगता।

एम्स सिर्फ़ आपातकाल में ही नहीं, बल्कि नियमित चेक‑अप अपॉइंटमेंट के लिए भी मदद करता है। कई बार अस्पतालों में ट्रैफिक जाम की वजह से देर हो जाती है; एम्स का ‘फ़्लोटिंग क्लिनिक’ मॉडल अब दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में लागू किया गया है जहाँ डॉक्टर एम्बुलेंस पर ही बेसिक जांच कर सकते हैं। यह सेवा खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चों के लिए उपयोगी है।

आपके पास अगर निजी हेल्थ इंश्योरेंस है, तो एम्स की बिलिंग अक्सर कवर होती है। लेकिन कुछ पॉलिसियों में लिमिटेड कवरेज हो सकता है, इसलिए अपने इन्श्योरर से पहले जानकारी ले लें। इससे अचानक खर्चे का तनाव नहीं रहेगा।

यदि आप दिल्ली के बाहर रहते हैं और एम्स की सेवा चाहिए, तो नज़दीकी राज्य या केंद्र सरकार की हेल्थ लाइनों को संपर्क करें; अक्सर वे भी 102 से कनेक्ट कराते हैं और एम्बुलेंस को सीमाओं तक भेजते हैं। लेकिन समय‑सीमा थोड़ा लंबा हो सकता है, इसलिए पहले से ही स्थानीय अस्पतालों के नंबर नोट कर लें।

अंत में याद रखें – आपातकाल में शांति बनाए रखना सबसे बड़ा हथियार है। तेज़ी से जानकारी दें, सही नंबर डायल करें और एम्बुलेंस की पहुंच का इंतज़ार करते हुए रोगी को आरामदायक स्थिति में रखें। एम्स दिल्ली हमेशा आपके साथ है, बस एक कॉल दूर।

सांस लेने में तकलीफ के कारण एम्स दिल्ली में भर्ती सेताराम येचुरी की स्थिति गंभीर
Abhishek Rauniyar

Abhishek Rauniyar

सांस लेने में तकलीफ के कारण एम्स दिल्ली में भर्ती सेताराम येचुरी की स्थिति गंभीर

सीपीआई(एम) के महासचिव सेताराम येचुरी की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें दिल्ली के एम्स में श्वास समर्थन पर रखा गया है। 72 वर्षीय येचुरी को फेफड़ों में संक्रमण के कारण 19 अगस्त को भर्ती किया गया था। उनके स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों की एक टीम नजर बनाए हुई है।

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