क्या आप जानते हैं कि ओलम्पिक में गोल्फ अब एक प्रमुख इवेंट बन गया है? 2016 रियो में फिर से शामिल होने के बाद से इस खेल ने कई दिलचस्प कहानियां बुनी हैं। यहाँ हम आपको भारत के खिलाड़ियों की हालिया उपलब्धियों, टूर्नामेंट फॉर्मेट और भविष्य के बारे में सरल शब्दों में बताएंगे।
भारतीय गोल्फरों ने पिछले दो ओलम्पिक में धूम मचा दी है। 2020 टोकियो में, विजय खडगे और अनुष्का शेट्टी ने क्रमशः पुरुष और महिला इवेंट में क्वालिफाई किया। यह पहली बार नहीं था जब भारतीय खिलाड़ी गोल्फ की मेज पर थे, लेकिन ओलम्पिक मंच पर उनका प्रदर्शन नई आशा लेकर आया। उनके कोच अक्सर कहते हैं – "अभ्यास जितना मेहनत का परिणाम है, ओलम्पिक में वही दिखता है"। इस विचार से प्रेरित युवा खिलाड़ियों ने अब राष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनना शुरू कर दिया है।
आने वाले 2024 पेरिस ओलम्पिक के लिए भारतीय गोल्फ एसोसिएशन ने पहले ही चयन प्रक्रिया तय कर ली है। क्वालिफाइंग रैंकिंग, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पॉइंट और फिटनेस टेस्ट – ये सब मिलकर तय करेंगे कि कौन खिलाड़ी राष्ट्रीय ध्वज लेके जा सकेगा। अगर आप खुद गोल्फ खेलते हैं या फैंस हैं तो इस प्रक्रिया को समझना ज़रूरी है; इससे आप अपने पसंदीदा खिलाड़ी के सफ़र को बेहतर देख पाएँगे।
गोल्फ ओलम्पिक दो दिन में पूरा हो जाता है – 72 शॉट्स (चार राउंड) के साथ, लेकिन प्रत्येक खिलाड़ी को दो हाफ़ में खेलने का मौका मिलता है। पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए अलग-अलग कॉर्स होते हैं, इसलिए आप देखेंगे कि कौन तेज़ी से अडाप्ट करता है। स्कोरिंग स्ट्रेट‑फॉरवर्ड होती है – कम शॉट्स बेहतर रैंकिंग देती है।
यदि आप लाइव देखें तो ध्यान दें:
भविष्य में ओलम्पिक गोल्फ और अधिक रोमांचक होगा क्योंकि नई टेक्नोलॉजी, जैसे सटीक दूरी मापने वाले डिवाइस और एरियोडायनामिक्स पर काम कर रहे कोचेज़, खिलाड़ियों की प्रदर्शन क्षमता बढ़ा रहे हैं। इसलिए अब सिर्फ शॉट नहीं, बल्कि पूरी रणनीति देखनी होगी।
अंत में, अगर आप गोल्फ के फैन हैं या नया सीखना चाहते हैं तो ओलम्पिक का हर मैच एक मुफ्त क्लास जैसा है। इस टैग पेज पर हम नियमित रूप से ताज़ा ख़बरें, इंटरव्यू और विश्लेषण जोड़ते रहेंगे, ताकि आप हमेशा अपडेटेड रहें। पढ़ते रहिए, शेयर कीजिए और गोल्फ को अपने जीवन में लाएँ!
न्यूजीलैंड की लिडिया को ने 2024 ओलंपिक महिला गोल्फ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपने करियर में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है, जिससे उन्हें एलपीजीए हॉल ऑफ फेम में जगह मिली। अपनी इस जीत के साथ, को ने अपने ओलंपिक पदकों के संग्रह को पूरा किया, जिसमें उन्होंने पहले रियो डी जनेइरो में रजत और टोक्यो में कांस्य पदक जीता था।
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