अगर आप एनीमे या कार्टून पसंद करते हैं तो हायाओ मियाज़ाकी का नाम सुनते ही दिमाग में ‘जादुई दुनिया’ आ जाती है। ये जापान के सबसे बड़े फिल्मनिर्माताओं में से एक हैं, और उनका स्टूडियो घिबली कई क्लासिक फ़िल्में बना चुका है।
मियाज़ाकी का जन्म 1941 में टोक्यो में हुआ था। बचपन से ही उन्हें पेंसिल और कागज़ पर ड्रॉइंग करना बहुत पसंद था। जब उन्होंने एनीमे की पढ़ाई शुरू की तो उनका सपना सिर्फ चित्र बनाना नहीं, बल्कि ऐसी कहानी बताना था जो दिल को छू जाए।
उनकी सबसे मशहूर फ़िल्मों में ‘स्पिरिटेड अवे’ (2001), ‘माय नेबर टोटरो’ (1988) और ‘प्रिंसेस मोनोनोके’ (1997) शामिल हैं। हर फिल्म में प्रकृति, दोस्ती और साहस के संदेश छुपे होते हैं। ‘स्पिरिटेड अवे’ को अकादमी ने सर्वश्रेष्ठ एनीमेटेड फीचर पुरस्कार से सम्मानित किया था – इसका मतलब है कि मियाज़ाकी की कहानी सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बड़े भी इसे सराहते हैं।
इन फिल्मों में आप देखते हैं कि कैसे छोटे‑छोटे किरदार बड़े‑बड़े समस्याओं का सामना करते हैं, और यही वजह है कि दर्शकों को अपने आप से जुड़ाव महसूस होता है। अगर आपने अभी तक ये फ़िल्में नहीं देखी तो एक बार जरूर देखें – हर फिल्म लगभग दो घंटे की होती है, लेकिन समय बीतने का एहसास ही नहीं होगा।
मियाज़ाकी की एनिमेशन में हाथ से खींचे हुए फ्रेम्स होते हैं, जिससे हर सीन जीवंत लगता है। उनका काम बहुत ही साफ़‑सुथरा और रंगों से भरपूर होता है, जैसे किसी पेंटिंग को स्क्रीन पर देख रहे हों। वे अक्सर पर्यावरणीय मुद्दों को कहानी के बगल में रखते हैं – इससे दर्शकों को हल्के दिल से सोचने का मौका मिलता है।
उनकी फ़िल्में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शिक्षा भी देती हैं। ‘प्रिंसेस मोनोनोके’ में जंगल की रक्षा और मानवीय लोभ के बीच संघर्ष दिखाया गया है, जबकि ‘किक‑अबॉर्न’ (2006) में युवा लड़कों को अपने सपनों का पीछा करने की प्रेरणा मिलती है। ये सब बातें मियाज़ाकी को बाकी एनीमे निर्माताओं से अलग बनाती हैं।
अगर आप एनिमेशन सीखना चाहते हैं, तो मियाज़ाकी के काम को देख कर कई टेक्निक समझ सकते हैं – जैसे कि बैकग्राउंड ड्रॉइंग, लाइटिंग और कैरेक्टर एनीमेशन। उनके स्टूडियो में अक्सर कलाकारों की टीम मिलकर काम करती है, जिससे हर फ़िल्म में टीम वर्क का असर स्पष्ट दिखता है।
आजकल कई स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर घिबली की फिल्में उपलब्ध हैं – नेटफ्लिक्स, डिज़नी+ और अमेज़न प्राइम पर आप आसानी से इन्हें देख सकते हैं। बस एक छोटा‑सा सर्च बॉक्स में ‘Studio Ghibli’ लिखिए और आपका जादुई सफ़र शुरू हो जाएगा।
समाप्ति में यह कहा जा सकता है कि हायाओ मियाज़ाकी ने एनीमे को सिर्फ बच्चों का खेल नहीं बनाया, बल्कि एक ऐसी कला रूप बना दिया जो हर उम्र के लोगों को जोड़ता है। उनकी फ़िल्में समय के साथ और भी ज्यादा प्रासंगिक हो रही हैं, इसलिए अगर आप अभी तक उनके काम से परिचित नहीं हैं तो जल्दी से शुरू करें – जादू आपका इंतज़ार कर रहा है।
जापान के मशहूर एनिमेशन फिल्म निर्माता हायाओ मियाज़ाकी को 2024 का रामन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार एशिया का नोबेल सम्मान माना जाता है। मियाज़ाकी ने अपनी फिल्मों के जरिए जटिल मुद्दों को सरल रूप में प्रस्तुत कर बच्चों को जागरूक किया।
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