पंजीकरण स्थिति समाचार

केंद्रीय बजट 2024 – सबको समझ में आए ऐसा सार

नया वित्त वर्ष शुरू होते ही केंद्र ने अपना बजट पेश किया। हर साल की तरह इस बार भी कई नई चीज़ें सामने आईं, पर क्या ये सभी बातों का असर आप तक पहुँचता है? चलिए सरल शब्दों में देखते हैं कि बजट 2024 में कौन‑सी मुख्य घोषणाएँ हुई और आपका दिन‑प्रतिदिन के खर्चे को कैसे बदल सकते हैं।

मुख्य घोषणाएँ

सबसे पहले बात करते हैं बड़े नंबरों की: कुल अनुमानित खर्च लगभग ₹35 ट्रिलियन रखा गया, जबकि राजस्व लगभग ₹30 ट्रिलियन आना बताया गया। यह अंतर ₹5 ट्रिलियन का फिस्कल डेफ़िसिट दर्शाता है, जिसे सरकार बॉन्ड और विदेशी निवेश से भरने की योजना बना रही है।

कर‑सुधार के तहत दो बड़े बदलाव हुए – पहले, 2.5% टैक्स स्लैब को हटाकर 5% कर दिया गया, जिससे छोटे व्यवसायियों को हल्का बोझ महसूस होगा। दूसरा, सॉलिडरिटी टॅक्स को 15 लाख से ऊपर की आय पर 30% तक बढ़ाया गया, जिसका उद्देश्य अमीर वर्ग से अधिक योगदान लेना है।

सामाजिक योजनाओं में खास तौर पर स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रायोरिटी दी गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अतिरिक्त ₹1,200 करोड़ का बजट आवंटित किया गया, जिससे ग्रामीण अस्पतालों की सुविधाएँ सुधरेंगी। साथ ही, 10‑वर्षीय स्कूलेशन प्लान के लिए ₹2,500 करोड़ और छात्रवृत्ति फंड में बढ़ोतरी की गई है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर में हाईवे, रेल और नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को प्रमुखता मिली। विशेष रूप से सोलर पावर प्लांट के लिए अतिरिक्त ₹3,000 करोड़ का निवेश बताया गया, जिससे अगले पांच साल में 20 GW कॅपेसिटी जोड़ने की उम्मीद है।

आपके लिए क्या मतलब?

अगर आप छोटा व्यवसाय चलाते हैं तो नई टैक्स स्लैब से आपका कर बोझ कम होगा, पर साथ ही बड़े आय वाले लोगों के लिए टैक्स बढ़ेगा – इसका सीधा असर आपके परिवार की आय में दिख सकता है।

स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को लेकर अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं, तो सरकारी अस्पतालों में सुविधाएँ बेहतर होंगी, जिससे इलाज का खर्च घट सकता है। शिक्षा में बढ़ती फंडिंग से स्कॉलरशिप और स्कूल बुनियादी ढाँचा सुधरेगा – आपके बच्चों के लिए यह एक सकारात्मक बदलाव है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे हाईवे और रेल की नई योजनाएं यात्रा समय कम करेंगी, जिससे रोज़मर्रा का commute आसान होगा और व्यापारिक माल भी तेज़ी से पहुँच पाएगा। नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ेगा तो लम्बे समय में बिजली के बिलों पर असर पड़ सकता है – शॉर्ट टर्म में थोड़ा महंगा हो सकता है, पर लंबा‑समय में सस्ता और साफ ऊर्जा मिलेगी।

फिस्कल डेफ़िसिट को भरने के लिए सरकार बॉन्ड जारी करेगी। अगर आपके पास बचत या निवेश का प्लान है तो सरकारी बांड एक सुरक्षित विकल्प बन सकते हैं – लेकिन रिटर्न कम होने की संभावना को ध्यान में रखें।

कुल मिलाकर, बजट 2024 ने आम आदमी पर हल्का बोझ डालते हुए बड़े निवेशकों और उच्च आय वर्ग से अधिक योगदान लेने का प्रयास किया है। अगर आप इन बदलावों को समझ कर अपने वित्तीय योजना में समायोजन करेंगे तो इस बजट के फायदों को अपना सकेंगे।

केंद्रीय बजट 2024: तारीख की उलझन समाप्त, जुलाई 23 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी पूर्ण बजट
Abhishek Rauniyar

Abhishek Rauniyar

केंद्रीय बजट 2024: तारीख की उलझन समाप्त, जुलाई 23 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी पूर्ण बजट

केंद्रीय बजट 2024 की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति थी, लेकिन वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अब यह 23 जुलाई को पेश किया जाएगा। आर्थिक सर्वेक्षण 22 जुलाई को पेश होने की संभावना है। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट होगा, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उनका सातवां बजट पेश करेंगी।

आगे पढ़ें