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महात्मा गांधि – जीवन, विचार और आज का प्रभाव

क्या आप कभी सोचते हैं कि गाँधी जी के सिखाए हुए सिद्धांत आज भी हमारे रोज़मर्रा की जिंदगी में कैसे काम आ सकते हैं? चलिए, उनके सफ़र को आसान भाषा में देखते हैं।

जीवन की झलक

मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 1869 में पोरबंदर (अब गुजरात) में हुआ था। बचपन में ही उन्हें सच्चाई और ईमानदारी की अहमियत समझ आई। इंग्लैंड में कानून पढ़े, फिर दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों के लिए लड़ते‑लड़ते उन्होंने सत्याग्रह का प्रयोग किया। भारत लौट कर 1915 में गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन को नया रूप दिया।

गाँधी के मुख्य सिद्धांत

अहिंसा (Non‑Violence) – गाँधी मानते थे कि हिंसा से कभी स्थायी जीत नहीं मिलती। उन्होंने सभी संघर्षों में शांति को अपनाया और लोगों को भी यही सिखाया। रोज़ की छोटी‑छोटी चीज़ें, जैसे ट्रैफिक में धीरज रखना या किसी के साथ नाकारा बहस करना, अहिंसा का अभ्यास हैं।

सत्याग्रह (Satyagraha) – यह सिद्धांत सच्चाई के लिए दृढ़ता से खड़े होने को कहता है। चाहे वह 1930 का दांडी मार्च हो या आज की जल संरक्षण अभियानों, सत्याग्रह हमेशा लोगों को एकजुट करता है।

स्वराज (Self‑Rule) – गाँधी ने कहा कि हर व्यक्ति अपने आप में सशक्त होना चाहिए। स्थानीय उत्पादन, घर में बने कपड़े पहनना और छोटे स्तर पर निर्णय लेना स्वराज का हिस्सा है। आज के स्टार्ट‑अप या ग्रामीण उद्यम इस विचार को आगे बढ़ा रहे हैं।

स्वदेशी आंदोलन (Swadeshi) – विदेशी वस्तुओं से हटकर भारतीय सामान इस्तेमाल करना, गाँधी ने इसे आर्थिक आत्मनिर्भरता माना। अब जब हम प्लास्टिक के बजाय बायोडिग्रेडेबल उत्पाद चुनते हैं, तो वही स्वदेशी भावना दिखती है।

इन सिद्धांतों को समझना मुश्किल नहीं—हर रोज़ छोटे‑छोटे कदम लेकर आप भी गाँधी की शिक्षाओं को अपनी जिंदगी में ला सकते हैं। जैसे, शॉपिंग करने से पहले स्थानीय दुकानों का समर्थन करना या पर्यावरण के लिए रीसाइक्लिंग करना।

गाँधी जी ने कहा था कि "आपकी छोटी‑सी कोशिश ही बड़ी परिवर्तन की शुरुआत है"। अगर आप भी इस विचार को अपनाएँ तो समाज में सकारात्मक बदलाव देखेंगे। आज के राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक इन सिद्धांतों से प्रेरित होकर नई पहल कर रहे हैं—जैसे स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल इंडिया आदि।

अंत में, गाँधी जी का संदेश साफ़ है: सच्चाई, शांति और आत्मनिर्भरता के साथ रहो, फिर चाहे चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो। यह सरल परंतु गहरा रास्ता हमें हर दिन बेहतर बनाता रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के महात्मा गांधी पर विवादित टिप्पणी को लेकर फिल्म निर्माता ने दर्ज कराई शिकायत
Abhishek Rauniyar

Abhishek Rauniyar

प्रधानमंत्री मोदी के महात्मा गांधी पर विवादित टिप्पणी को लेकर फिल्म निर्माता ने दर्ज कराई शिकायत

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता लुइट कुमार बर्मन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महात्मा गांधी पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर गुवाहाटी के हातीगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा कि फिल्म 'गांधी' बनने से पहले किसी को गांधी जी के बारे में नहीं पता था, जिससे व्यापक रोष उत्पन्न हुआ। बर्मन ने इसे 'अत्यंत अपमानजनक' और महात्मा गांधी का 'अपमान' कहा और कार्रवाई की माँग की।

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