अगर आप राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं या बस अपने वोट की ताकत जानना चाहते हैं तो यह पेज आपके लिए है। यहां आपको भारत के सबसे हालिया चुनावों की खबरें, प्रमुख उम्मीदवारों का प्रोफ़ाइल और मतदाता बनते समय ध्यान रखने वाले पॉइंट्स मिलेंगे। सरल भाषा में लिखे गए लेख पढ़कर आप जल्दी‑जल्दी समझ पाएंगे कि अब क्या करना है और कब करना है।
दिल्ली के अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज़ हो रही हैं। कई पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी, जैसे सानिधी सिंह का बेटे परवेश वरमा को अपनी टीम में शामिल करना। इस कदम से उनके समर्थन आधार में नया ऊर्जा जुड़ने की उम्मीद है। इसी तरह, राजस्थान में राजस्थानी रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच IPL 2025 की सुपर ओवर वाली लड़ाई भी चुनावी माहौल को गर्मा रही है, क्योंकि खेल और राजनीति अक्सर साथ‑साथ चलते हैं।
भूरे क्षेत्र में मौसम विभाग ने बारिश चेतावनी जारी कर दी, जिससे किसानों के वोटिंग पैटर्न पर असर पड़ सकता है। बारिश से फसल नुकसान का डर रखने वाले ग्रामीण इलाकों में अब उम्मीदवार जल संरक्षण और बुनियादी ढाँचे की वादे दे रहे हैं। इस तरह की स्थानीय समस्याएं अक्सर बड़े राष्ट्रीय मुद्दों को भी पीछे धकेल देती हैं, इसलिए खबरें पढ़ते समय यह देखना जरूरी है कि किस क्षेत्र में कौन सी समस्या सबसे ज्यादा असर डाल रही है।
एक और बड़ी ख़बर यह है कि वक्फ संशोधन विधेयक पर इमरान मसूद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। इस मुद्दे को कई मतदाता सामाजिक न्याय के रूप में देख रहे हैं, इसलिए उम्मीदवारों की बयानबाजी पर नज़र रखें। जब आप चुनाव आयोग टैग पढ़ते हैं तो ये सारे छोटे‑छोटे टुकड़े मिलकर बड़े चित्र बनाते हैं – कौन किसको वोट देगा और क्यों?
पहला कदम है अपनी पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन आदि) को तैयार रखना। चुनाव के दिन अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर जाएँ, नामांकन सूची में अपना नाम ढूँढ़ें और एन्क्लोज़र से वोट डालें। अगर आप पहली बार वोट दे रहे हैं तो बूथ अधिकारी आपको मदद करेंगे।
दूसरा टिप: मतदान समय के बारे में पहले से जानकारी ले लें। कई राज्यों में 7 बजे से 6 बजे तक खुले रहने का नियम है, पर कुछ जगहों पर दो शिफ्ट चलती हैं, इसलिए अपने क्षेत्र की टाइमिंग चेक कर लेना फायदेमंद रहेगा।
तीसरा – अगर आप कोई विशेष पार्टी या उम्मीदवार को समर्थन देना चाहते हैं तो वोट देने से पहले उसके एजेंडा को समझ लें। बहुत सी बार खबरों में उलझकर लोग गलत जानकारी के कारण अपना फैसला बदल लेते हैं। इसलिए विश्वसनीय स्रोत जैसे सरकारी पोर्टल, आधिकारिक विज्ञापन और भरोसेमंद समाचार साइट्स पर नजर रखें।
अंत में, अगर आप कहीं बाहर रह रहे हैं तो एपीओ (एडवांस्ड पर्सनल वोटर) के ज़रिए भी मतदान कर सकते हैं। यह विकल्प ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों या विदेशियों को बहुत मदद करता है।
इन आसान कदमों को फॉलो करके आप अपना अधिकार सही ढंग से प्रयोग कर पाएँगे और देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में योगदान दे सकेंगे। याद रखिए, हर वोट मायने रखता है और आपके छोटे‑छोटे फैसले बड़े बदलाव का हिस्सा बनते हैं।
तो अब जब भी चुनाव आयोग टैग पर नई ख़बरें आएँ, तो इन्हें पढ़ें, समझें और अपने मतदान के दिन तैयार रहें। आपकी आवाज़ से ही भारत आगे बढ़ता है!
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने हरियाणा की बीजेपी सरकार के 'यमुना जल को जहरीला बनाने' के विवाद का राजनीतिकरण किया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कुमार एक पोस्ट-रिटायरमेंट नौकरी की तलाश में हैं और चुनाव आयोग की साख को नष्ट कर रहे हैं। इस पर, चुनाव आयोग ने केजरीवाल को नोटिस जारी किया है।
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